भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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बुधवार, 20 दिसंबर 2017

विद्यत दरों में वृध्दि के खिलाफ प्रदेश भर में सडकों पर उतरे वामपंथी



लखनऊ-  राज्य सरकार द्वारा 30 नवंबर को बिजली के दामों में की गयी भारी वृध्दि के विरोध में वामपंथी दलों ने आज समूचे उत्तर प्रदेश में जुझारू प्रदर्शन किये और जगह जगह राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपे गये. ज्ञापनों में जनता, किसानों और व्यापारियों की कमर तोड़ देने वाली इस वृध्दि को तत्काल वापस लेने की मांग की गयी है.
ज्ञातव्य हो कि प्रदेश में 29 नवंबर तक निकाय चुनाव होरहे थे, जिनके पूरे होते ही अगले दिन बिजली की कीमतों में बढ़ोत्तरी का यह तोहफा भाजपा सरकार द्वारा जनता के ऊपर थोप दिया गया. वामदलों ने 1 नवंबर को बैठक कर इसको वापस लेने की मांग की अन्यथा सडकों पर उतरने की चेतावनी डी थी. तदनुसार 12 से 19 दिसंबर तक जन अभियान चलाया गया जो पूर्ण सफल रहा और आज जिलों जिलों में शानदार प्रदर्शन किये गये जिनकी खबरें राज्य मुख्यालय को लगातार प्राप्त होरही हैं. वामपंथी दलों ने दावा किया है कि इन प्रदर्शनों में बीस हजार से अधिक जनता सडकों पर उतरी.
सबसे शानदार प्रदर्शन सहारनपुर में हुआ जहाँ पांच सौ से अधिक किसान मजदूर जिनमें बड़ी संख्या में महिलायें शामिल थीं, ने स्थानीय गांधी पार्क से कलक्ट्रेट तक जुझारू तेवरों के साथ जुलूस निकाला. भीषण नारेबाजी के बाद यह प्रदर्शन सभा में तब्दील होगया. सभा को भाकपा के सचिव जनेश्वर उपाध्याय, सहसचिव शहनाज बेगम, शरीफ अहमद, मेयर प्रत्याशी रहे फरीद अहमद, भाकपा(मा.) के तिलक राजभाटिया, सचिव राव दाऊद व नवनीत और माले के मेलाराम ने संबोधित किया. मुरादाबाद में भी भाकपा, माकपा, माले और एसयूसीआई के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक प्रदर्शनकारी जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट पर पहुँच कर सभा की और ज्ञापन दिया. बलिया में रेलवे स्टेशन से कलेक्ट्रेट तक सैकड़ों भाकपा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला, सभा की गयी और ज्ञापन सौंपा गया. भाकपा नेता दीनानाथ सिंह आदि ने सभा को संबोधित किया.
इलाहाबाद में वामपंथी दलों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर शानदार प्रदर्शन किया, सभा की और ज्ञापन सौंपा. इससे पूर्व सात दिनों तक संयुक्त रूप से जन अभियान भी चलाया गया. यह संपूर्ण अभियान भाकपा राज्य कार्यकारिणी के सदस्य नसीम अंसारी, सीपीएम के जिला सचिव अखिल, माले के सचिव कमाल उसरी और एसयूसीआई-सी के सचिव राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ. शाहजहांपुर में भाकपा ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा. आम सभा को वरिष्ठ नेता रमाशंकर, जिला सचिव मो. सलीम तथा सुरेश कुमार नेताजी ने संबोधित किया. इससे पहले सप्ताह भर तक चले अभियान में सभाएं, जन चौपाल और पुतला दहन आदि आयोजित किये गए.
मथुरा में भाकपा नेता का. गफ्फार अब्बास एडवोकेट और भाकपा- माले के सचिव का. नसीर शाह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं द्वारा जिला कलेक्ट्रेट से जुलूस निकाला गया और केंट स्थित बिजली घर का घेराव किया गया. कई घंटों के प्रदर्शन और सभा के बाद विद्युत् अभियंता को ज्ञापन सौंपा गया. मैनपुरी में भाकपा के जिला सचिव का. रामधन और किसान सभा के सचिव राधेश्याम यादव के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना एवं सभा का आयोजन किया गया और ज्ञापन सौंपा गया.
अलीगढ में भाकपा और माकपा के संयुक्त तत्वावधान में जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उप नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया. भाकपा सचिव प्रो. सुहेव शेरवानी एवं माकपा के नेता मो. इदरीस के नेतृत्व में हुए इस आन्दोलन में रामबाबू गुप्ता एवं इकबाल मंद आदि प्रमुख रूप से शामिल थे. हाथरस में भाकपा कार्यकर्ताओं ने एसडीएम सदर के कार्यालय पर धरना दिया और सभा की. ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा गया. जिला सचिव का. चरणसिंह बघेल के नेतृत्व में हुये इस कार्यक्रम में सत्यपाल रावल, संजय खां, राजाराम कुशवाहा, आर. डी. आर्य एवं गीतम सिंह आदि प्रमुखतः मौजूद रहे.
जनपद मऊ में भाकपा, भाकपा (मा.), भाकपा- माले तथा एसयूसीआई ने गाजीपुर चौराहे से संयुक्त जुलूस निकाला जो कलक्ट्रेट पहुँच कर सभा में परिवर्तित होगया. सभा को भाकपा के पूर्व विधायक इम्तेयाज़ अहमद, विनोद राय, रामसोच यादव, इतवारी देवी, माकपा के वीरेन्द्र व शेरबहादुर, माले के वसंत व विनोद सिंह, एसयूसीआई के शैलेन्द्र तथा त्रिभुवन ने संबोधित किया. चंदौली में भाकपा और माकपा के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम चकिया के कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जिसका नेतृत्व माकपा नेता रामअचल यादव एवं भाकपा नेता सुखदेव मिश्र ने किया. भदोही में भी भाकपा, माकपा और माले के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा.
आजमगढ़ में भाकपा, माकपा और माले के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया जिसका नेत्रत्व श्रीकांत सिंह और रामायण सिंह आदि ने किया. मेरठ में भाकपा नेता शरीफ अहमद, माकपा सचिव रजनीश और आरएसपी के रंजीत वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों वामपंथियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया. गोरखपुर में सीपीआई और सीपीएम के कार्यकर्ताओं ने गांधी प्रतिमा पर धरना दिया जिसमें महिलाओं की भी अच्छी भागीदारी थी. देवरिया में जिला मुख्यालय और सलेमपुर तहसील पर धरने दिए गए. कासगंज और एटा में भी भाकपा और माकपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किये.
कुशीनगर में भाकपा और माकपा के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. हरदोई में भी जिला मुख्यालय पर धरना दिया गया. इटावा में माकपा ने मुकुट सिंह के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा. बुलंदशहर में जिला मुख्यालय पर माकपा ने तो भाकपा ने स्याना में प्रदर्शन किया. कानपूर में माकपा और भाकपा कार्यकर्ताओं ने बड़े चौराहे से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाल कर ज्ञापन सौंपा. जनपद जालौन के जिला मुख्यालय उरई में गत दिन ही भाकपा द्वारा प्रदर्शन किया जाचुका है.
राजधानी लखनऊ में भाकपा, माकपा और भाकपा- माले के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक शानदार जुलुस माकपा कार्यालय से निकाला जो विधानसभा मार्ग, हजरतगंज चौराहा होते हुए शक्ति भवन पहुंचा. वहां भीषण नारेबाजी और सभा के बाद ज्ञापन विद्युत् अधिकारी को सौंपा गया. सभा को आशा मिश्र, मो. खालिक, कांती मिश्र, परमानन्द द्विवेदी, मो. अकरम, कल्पना पाण्डेय, प्रदीप शर्मा, आर.एस. बाजपेयी, सीमा राना, नंदिनी बोरकर तथा रमेश सिंह सेंगर आदि ने संबोधित किया.
बांदा में भाकपा और माले ने अशोक लाट चौराहे पर धरना दिया और सभा की. सभा को राम चन्द्र सरस, रामधारी भाई, वकार अहमद, श्यामबाबू तिवारी तथा राम प्रवेश ने संवोधित किया. चित्रकूट में जनपद और तहसील मुख्यालयों पर अमित यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन किये गए. सभाओं को राम प्रसाद, विनोद पाल और संदीप पांडे आदि ने संवोधित किया.
जौनपुर में भाकपा, माकपा और एसयूसीआई  ने पोलिटेक्निक चौराहे से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकला और आम सभा की. सभा को कल्पनाथ गुप्ता, सालिग्राम पटेल, सुभाष पटेल, आर. आर. यादव, सत्यनारायण पटेल, ऊदल यादव, किरणशंकर रघुवंशी तथा रविशंकर मौर्या ने संबोधित किया. गोंडा में भाकपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर धरना दिया, आम सभा की और ज्ञापन दिया. भाकपा के सुरेश त्रिपाठी, दीनानाथ त्रिपाठी, रघुनाथ, माकपा के राजीव तथा माले के जमाल ने संबोधित किया. बरेली में भी भाकपा ने ज्ञापन सौंपा.
वामपंथी दलों का कहना है कि बिजली के दामों में हुयी इस वृध्दि से महंगाई में और अधिक वृध्दि होगी और पहले से भारी तबाही झेल रहे किसान और तवाह होंगे. किसानों गरीबों और आम जनता पर बढ़ोत्तरी थोपना और उद्योगपतियों को छूट देना योगी सरकार के दोगले चरित्र को उजागर करता है. वामदलों ने आज इन प्रदर्शनों के माध्यम से जनता के आक्रोश को दर्ज करा दिया है और यह आन्दोलन आगे भी जारी रहेगा. वामदलों के नेताओं ने इस आन्दोलन कजो सफल बनाने के लिए वामपंथी कार्यकर्ताओं और आम जनता को बधाई दी है.
जारी द्वारा-
डा. गिरीश, राज्य सचिव
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सोमवार, 11 दिसंबर 2017

नेपाल में कम्युनिस्ट पार्टियों की जीत पर भाकपा ने दी बधाई



लखनऊ- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य कौंसिल की दो दिवसीय बैठक यहां भाकपा राज्य मुख्यालय पर संपन्न हुयी, बैठक की अध्यक्षता भाकपा के वरिष्ठ नेता कामरेड नसीम अंसारी ने की.
बैठक में अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और उत्तर प्रदेश के राजनैतिक हालातों पर एक विस्तृत रिपोर्ट राज्य सचिव डा. गिरीश ने प्रस्तुत की जिस पर हुयी व्यापक चर्चा में 30 प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
अंतर्राष्ट्रीय जगत पर हुयी चर्चा में प्रतिनिधियों ने नेपाल में कम्युनिस्ट पार्टियों की एकतरफा जीत पर भारी खुशी का इजहार किया और नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टियों के नेताओं कार्यकर्ताओं और आम जनता को बधाई दी. ऐसे समय जब कार्पोरेटी ताकतें, उनकी पिट्ठू सरकार और मीडिया कम्युनिस्ट पार्टियों और कम्युनिस्टों की समाप्ति की घोषणा करते नहीं थकते उस समय नेपाल में कम्युनिस्टों की भारी जीत भारत समेत तमाम दुनियां के शोषितों- पीड़ितों को उनकी मुक्ति के प्रति भरोसा जताता है. नेपाल में कम्युनिस्ट पार्टियों की यह एकता भारत में कम्युनिस्ट और वामपंथी एकता के प्रति प्रेरित करती है.
बैठक में अमेरिका द्वारा येरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने और वहां दूतावास स्थापित करने के कदम की कड़े शब्दों में निंदा की. अमेरिका का यह कदम प्रभुत्ववादी है जिससे उस क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है और शांति स्थापित करने की प्रक्रिया बाधित हुयी है. यह कदम स्वयं अमेरिका की पूर्व की स्थिति के विपरीत है और यूरोपियन यूनियन के देशों सहित अनेक देशों ने इसकी आलोचना की है. भारत की हमेशा यह दृढ राय रही है कि फिलिस्तीन की समस्या का हल बातचीत के जरिये निकाला जाना चाहिए, अतएव भारत सरकार को तत्काल अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करनी चाहिये, बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है.
राज्य काउंसिल बैठक में पारित रिपोर्ट में कहा गया है कि केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह जनता के हितों की उपेक्षा कर रही हैं और और पूंजीपति वर्ग, खास कर कार्पोरेट घरानों को मजबूत कर रही हैं. इन सरकारों की नीतियों के परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था में गिरावट आयी है, निर्यात में कमी आयी है, बेरोजगारी बढ़ी है, भ्रष्टाचार के तमाम मामले सामने आरहे हैं, किसानों की हालत बदतर होरही है, दलितों अल्पसंख्यकों और अन्य सभी कमजोरों पर हमले बढ़ रहे हैं. भाजपा द्वारा किये गए तमाम वायदे आज जुमले साबित होचुके हैं.
उत्तर प्रदेश में भी योगी सरकार के आठ माह के शासनकाल में अपराधों ने पैर पसारे हैं. बलात्कार, सामूहिक बलात्कार और बलात्कार के बाद हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं लेरहा. राजधानी लखनऊ तक में आये दिन होरही बलात्कार की घटनायें राज्य सरकार के दाबों की कलई खोल रही हैं. सरकारी विभागों और पुलिस विभाग के भ्रष्टाचार ने आम लोगों को परेशान कर रखा है. दबंगई और गुंडई से जनता बदहाल है और पुलिस- प्रशासन नत- मस्तक है.
भाजपा की इन नीतियों के चलते जनता का उससे मोहभंग हुआ है. अपनी करतूतों और असफलताओं  से जनता का ध्यान हठाने को भाजपा और संघ परिवार संवेदनशील मुद्दों को हवा देता रहता है. ये भाजपा की विफलताओं का ही परिणाम है कि हाल में देश में हुए कई उपचुनावों में भाजपा की करारी हर हुयी है. उत्तर प्रदेश निकायों में भी नगर निगमों में अधिक सीट जीतने के अलाबा अन्य सभी जगहों पर हर तरीके से भाजपा को पराजय का मुहँ देखना पड़ा है. सरकार की असफलताओं से आक्रोशित जनता के तमाम हिस्से आंदोलनरत हैं और सडकों पर उतर रहे हैं.
भाकपा राज्य कौंसिल ने इस दरम्यान की गयी अपनी तमाम गतिविधियों की समीक्षा की और आगे के अभियानों की रूपरेखा तैयार की. निकाय चुनावों में भाकपा ने सीमित तौर पर भाग लिया. पार्टी बांदा जनपद की अतर्रा नगरपालिका परिषद् के अध्यक्ष पद पर सम्मानजनक मतों से विजयी हुयी हुयी है और सात सभासद के पद हासिल करने में कामयाब रही है. पार्टी के एक दर्जन से अधिक सभासद और एक नगर पंचायत अध्यक्ष और भी निर्वाचित हुए हैं जिनको सिम्बल नहीं दिया जसका था.
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बिजली की दरों में की गयी अप्रत्याशित वृध्दि के खिलाफ अन्य वामपंथी दलों के साथ मिल कर कल- 12 से 19 दिसंबर तक जनाभियान चलाने और 20 दिसंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने का निश्चय किया है. जन अभियान के तहत सभाएं नुक्कड़ सभायें और जनता चौपाल लगाने का आह्वान किया गया.
26 जनवरी को संविधान, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा दिवस मनाने का निर्णय किया गया.
भाकपा का हर तीन वर्ष बाद होने वाला राज्य सम्मेलन 16 से 18 मार्च 2018 को जनपद मऊ में आयोजित होगा. सभी जिला सम्मलेन 15 फरवरी तक पूरे कर लिए जायेंगे.

डा. गिरीश 

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बुधवार, 6 दिसंबर 2017

बाबरी मस्जिद ध्वंस की वरसी पर वाम दलों ने उत्तर प्रदेश में काला दिवस आयोजित किया



लखनऊ- 6 दिसंबर  बाबरी मस्जिद की 25 वीं शहादत और डा. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर वामदलों ने आज समूचे प्रदेश में कला दिवस मनाया. इस अवसर पर धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र की रक्षा और दलितों अल्पसंख्यकों और शोषितों की सुरक्षा के संकल्प के साथ धरने, प्रदर्शन और सभायें की गयीं तथा जिलाधिकारियों के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संवोधित ज्ञापन प्रेषित किये गये.
राजधानी लखनऊ में भाकपा, माकपा, भाकपा- (माले), एसयुसीआई- सी और फारवर्ड ब्लाक ने हजरतगंज स्थित डा. अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन और सभा की. मथुरा में वामदलों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया. सोनभद्र में राबर्ट्सगंज जिला मुख्यालय पर धरना दिया गया तो इलाहाबाद में गोष्ठी और धरना डिया गया. फरुखाबाद में फरुखाबाद जिला मुख्यालय और कायमगंज तहसील दोनों ही जगह कला दिवस मनाया गया. बदायू में भाकपने कई संगठनों के साथ प्रदर्शन किया तो बलिया और अलीगढ़ में काली पट्टियां बाँध कर विरोध जताया गया.
समाचार लिखते  वक्त भी राज्य मुख्यालय पर वामदलों द्वारा जिलों में आयोजित किये गए विरोध प्रदर्शनों की लगातार रिपोर्टें मिल रही हैं.

डा. गिरीश 

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शुक्रवार, 1 दिसंबर 2017

बिजली दरों में बढ़ोत्तरी की भाकपा ने निन्दा की: जिला इकाइयों को विरोध प्रदर्शन का दिया निर्देश



 लखनऊ- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने बिजली के दामों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी की कठोर शब्दों में निंदा की. पार्टी ने जनहित में इस बढ़ोत्तरी को तत्काल वापस लेने की मांग की.
यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि निकाय चुनावों में भोले- भाले मतदाताओं से वोट हथिया लेने के बाद भाजपा सरकार ने उन्हें महंगी बिजली का तोहफा दिया है. आम लोग जब नए साल का जश्न मना कर चुके होंगे तब उनके हाथों में नये और बढे हुये बिजली बिल का बधाई पत्र होगा. यह ऐसी बढ़ोत्तरी है जो हर वर्ग, हर तबके पर थोपी गयी है. शहरी और ग्रामीण गरीब हों या किसान सभी को निशाना बनाया गया है. इससे पहले से ही आसमान छूरही महंगाई और भी बड़ेगी और आम जनता का जीवन और भी कठिन होजायेगा.
भाकपा राज्य सचिव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के आठ माह के कार्यकाल में बिजली के उत्पादन, वितरण और उसकी उपलब्धता की दर में कोई सुधार नहीं आया और वह पिछली सरकारों से भी पिछड़ गयी है. लेकिन बहुमत के नशे में चूर सरकार अपनी अक्षमता का भार आम जनता के ऊपर लाद रही है. यह सब जनता की बर्दाश्त की सीमा से बाहर जारहा है.
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने अपनी जिला इकाइयों से अपील की है कि वे इस बढोत्तरी का पुरजोर विरोध करें. लगातार विरोध प्रदर्शन संगठित करें और इनमें वामपंथी जनवादी दलों और शक्तियों का साथ लें.

डा. गिरीश 

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