भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

About The Author

Communist Party of India, U.P. State Council

Get The Latest News

Sign up to receive latest news

समर्थक

सोमवार, 11 दिसंबर 2017

नेपाल में कम्युनिस्ट पार्टियों की जीत पर भाकपा ने दी बधाई



लखनऊ- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य कौंसिल की दो दिवसीय बैठक यहां भाकपा राज्य मुख्यालय पर संपन्न हुयी, बैठक की अध्यक्षता भाकपा के वरिष्ठ नेता कामरेड नसीम अंसारी ने की.
बैठक में अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और उत्तर प्रदेश के राजनैतिक हालातों पर एक विस्तृत रिपोर्ट राज्य सचिव डा. गिरीश ने प्रस्तुत की जिस पर हुयी व्यापक चर्चा में 30 प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
अंतर्राष्ट्रीय जगत पर हुयी चर्चा में प्रतिनिधियों ने नेपाल में कम्युनिस्ट पार्टियों की एकतरफा जीत पर भारी खुशी का इजहार किया और नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टियों के नेताओं कार्यकर्ताओं और आम जनता को बधाई दी. ऐसे समय जब कार्पोरेटी ताकतें, उनकी पिट्ठू सरकार और मीडिया कम्युनिस्ट पार्टियों और कम्युनिस्टों की समाप्ति की घोषणा करते नहीं थकते उस समय नेपाल में कम्युनिस्टों की भारी जीत भारत समेत तमाम दुनियां के शोषितों- पीड़ितों को उनकी मुक्ति के प्रति भरोसा जताता है. नेपाल में कम्युनिस्ट पार्टियों की यह एकता भारत में कम्युनिस्ट और वामपंथी एकता के प्रति प्रेरित करती है.
बैठक में अमेरिका द्वारा येरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने और वहां दूतावास स्थापित करने के कदम की कड़े शब्दों में निंदा की. अमेरिका का यह कदम प्रभुत्ववादी है जिससे उस क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है और शांति स्थापित करने की प्रक्रिया बाधित हुयी है. यह कदम स्वयं अमेरिका की पूर्व की स्थिति के विपरीत है और यूरोपियन यूनियन के देशों सहित अनेक देशों ने इसकी आलोचना की है. भारत की हमेशा यह दृढ राय रही है कि फिलिस्तीन की समस्या का हल बातचीत के जरिये निकाला जाना चाहिए, अतएव भारत सरकार को तत्काल अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करनी चाहिये, बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है.
राज्य काउंसिल बैठक में पारित रिपोर्ट में कहा गया है कि केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह जनता के हितों की उपेक्षा कर रही हैं और और पूंजीपति वर्ग, खास कर कार्पोरेट घरानों को मजबूत कर रही हैं. इन सरकारों की नीतियों के परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था में गिरावट आयी है, निर्यात में कमी आयी है, बेरोजगारी बढ़ी है, भ्रष्टाचार के तमाम मामले सामने आरहे हैं, किसानों की हालत बदतर होरही है, दलितों अल्पसंख्यकों और अन्य सभी कमजोरों पर हमले बढ़ रहे हैं. भाजपा द्वारा किये गए तमाम वायदे आज जुमले साबित होचुके हैं.
उत्तर प्रदेश में भी योगी सरकार के आठ माह के शासनकाल में अपराधों ने पैर पसारे हैं. बलात्कार, सामूहिक बलात्कार और बलात्कार के बाद हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं लेरहा. राजधानी लखनऊ तक में आये दिन होरही बलात्कार की घटनायें राज्य सरकार के दाबों की कलई खोल रही हैं. सरकारी विभागों और पुलिस विभाग के भ्रष्टाचार ने आम लोगों को परेशान कर रखा है. दबंगई और गुंडई से जनता बदहाल है और पुलिस- प्रशासन नत- मस्तक है.
भाजपा की इन नीतियों के चलते जनता का उससे मोहभंग हुआ है. अपनी करतूतों और असफलताओं  से जनता का ध्यान हठाने को भाजपा और संघ परिवार संवेदनशील मुद्दों को हवा देता रहता है. ये भाजपा की विफलताओं का ही परिणाम है कि हाल में देश में हुए कई उपचुनावों में भाजपा की करारी हर हुयी है. उत्तर प्रदेश निकायों में भी नगर निगमों में अधिक सीट जीतने के अलाबा अन्य सभी जगहों पर हर तरीके से भाजपा को पराजय का मुहँ देखना पड़ा है. सरकार की असफलताओं से आक्रोशित जनता के तमाम हिस्से आंदोलनरत हैं और सडकों पर उतर रहे हैं.
भाकपा राज्य कौंसिल ने इस दरम्यान की गयी अपनी तमाम गतिविधियों की समीक्षा की और आगे के अभियानों की रूपरेखा तैयार की. निकाय चुनावों में भाकपा ने सीमित तौर पर भाग लिया. पार्टी बांदा जनपद की अतर्रा नगरपालिका परिषद् के अध्यक्ष पद पर सम्मानजनक मतों से विजयी हुयी हुयी है और सात सभासद के पद हासिल करने में कामयाब रही है. पार्टी के एक दर्जन से अधिक सभासद और एक नगर पंचायत अध्यक्ष और भी निर्वाचित हुए हैं जिनको सिम्बल नहीं दिया जसका था.
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बिजली की दरों में की गयी अप्रत्याशित वृध्दि के खिलाफ अन्य वामपंथी दलों के साथ मिल कर कल- 12 से 19 दिसंबर तक जनाभियान चलाने और 20 दिसंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने का निश्चय किया है. जन अभियान के तहत सभाएं नुक्कड़ सभायें और जनता चौपाल लगाने का आह्वान किया गया.
26 जनवरी को संविधान, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा दिवस मनाने का निर्णय किया गया.
भाकपा का हर तीन वर्ष बाद होने वाला राज्य सम्मेलन 16 से 18 मार्च 2018 को जनपद मऊ में आयोजित होगा. सभी जिला सम्मलेन 15 फरवरी तक पूरे कर लिए जायेंगे.

डा. गिरीश 

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

लोकप्रिय पोस्ट

कुल पेज दृश्य